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CBSE Board Exam 2018: How to Refresh Your Mind After Board Exam Best Activities

CBSE Board Exam 2018: How to Refresh Your Mind After Board Exam Best Activities

बोर्ड एग्जाम्स ख़तम होते ही इन बेहतरीन एक्टिविटीज़ से अपने दिमाग को करें रिफ्रेश


आजकल बोर्ड एग्जाम्स के चलते विद्यार्थियों का डेली रूटीन इतना व्यस्त है कि वे अपने शौंक व मनोरंजन के लिए मुश्किल से थोड़ा-बहुत समय निकाल पा रहे हैं. इस समय उनके लिए सबसे ज़रूरी है पढ़ना, और हो भी क्यों ना आखिर बोर्ड एग्जाम्स उनकी पूरे साल की मेहनत का परिणाम दर्शाएंगे. इसमें मिलने वाले अच्छे अंक आगे पढ़े जाने वाले विषय और किसी हद तक उनके भावी करियर को भी प्रभावित करेंगे. लेकिन जैसे ही एग्जाम्स ख़तम होंगे फिर कुछ दिनों के लिए विद्यार्थियों के ऊपर पढ़ने-पढ़ाने का कोई दबाव नहीं होगा. ज़िन्दगी मानो आज़ाद सी लगने लगेगी.
एग्जाम के बाद मिलने वाली छुट्टियाँ विद्यार्थियों को रिजल्ट की चिंता किये बिना कुछ इस तरह बितानी चाहिए कि उनकी शारिरिक व मानसिक थकावट पूरी तरह दूर हो जाए और वे अपने शौक को फिर से एन्जॉय कर सकें. लेकिन यह देखा गया है कि छुट्टियों का एक-डेढ़ हफ्ता बीतते ही विद्यार्थी इस ख़ालीपन से बोर होने लगते हैं. ऐसे में उन्हें किसी ऐसी एक्टिविटी की ज़रूरत महसूस होती है जिससे उन्हें व्यस्त रहने के साथ-साथ कुछ सीखने को भी मिल सके.
इस लेख में हम कुछ ऐसी ही पोस्ट-एग्जाम एक्टिविटीज़ के बारे में बताएंगे, जो विद्यार्थी की छुपी हुई योग्यताओं और क्षमताओं को बाहर निकालकर उन्हें निखारने में मदद करेंगी और साथ ही विद्यार्थी को मनोरंजन का भी अनुभव करवाएंगी:
1. अपनी निजी इच्छाओं को पूरा करने का यह सबसे उचित समय होगा
हर विद्यार्थी के मन में किसी ना किसी चीज़ को सीखने की चाह होती है जिसे वह स्कूल, ट्यूशन आदि की व्यस्तता के चलते पूरा करने में असमर्थ रहते हैं. लेकिन एग्जाम के बाद मिलने वाली छुट्टियों में ना तो कोई स्कूल या कोचिंग क्लास होगी और ना कोई होमवर्क या प्रोजेक्ट वर्क का बोझ होगा. यह समय आपके शौक के पूरा करने के लिए बिलकुल परफेक्ट होगा. बस ज़रूरत है तो अपने छुपे टैलेंट को पहचानने की और उसे निखारने की. चाहे बात हो अपनी आवाज़ को मीठे सुरों में ढालने की, अपने थिरकते क़दमों को डांसिंग मूव्स में बदलने की, नई भाषा सीख कर अपने रिज्यूमे को आकर्षक बनाने की, आप अपनी हर रूचि या शौक को पूरा करने के लिए आने वाली छुट्टियों में ज़रूरी कोचिंग क्लासेज ज़रूर लें और इस बहुमूल्य समय का भरपूर फ़ायदा उठायें.
2. इन छुट्टियों में अपनी हॉबी को दे सकते हैं पर्याप्त समय
पढ़ाई के दबाव के चलते अक्सर छात्रों को अपने शौक व रुचियों को एक किनारे रखना पड़ता है. लेकिन एक बार एग्जाम ख़तम हुए तो आपके पास भरपूर समय होगा अपने शौक व जुनून को पंख लगाने के लिए. फोटोग्राफी, पेंटिंग, गीत, कवितायेँ या कहानियाँ लिखना, मार्शल आर्ट सीखना आदि जैसे अन्य शौक पूरा करने के लिए एग्जाम के बाद मिलने वाली छुट्टियों से बेहतर और कोई समय नहीं हो सकता. आपकी हॉबी आपको अनचाही चिंताओं व तनाव से मुक्ति दिलाते हुए आपमें क्रिएटिविटी व सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है. इसके आलावा यदि थोढ़ा गंभीरता से लिया जाए तो आपकी हॉबी भविष्य में एक बेहतरीन करियर के विकल्प भी प्रदान करवा सकती है.
3. आउटडोर गेम्स खेलकर चिंता व तनाव को दूर भगाएं
अपने साथियों के साथ खेलना-कूदना हर बच्चे को पसंद होता है लिकिन फिर से स्कूल व पढ़ाई के दबाव के चलते बहुत से बच्चों को अपनी पसंदीदा खेल को त्यागना पड़ता है. इम्तिहान ख़त्म होने के बाद साथियों के साथ बहार जाकर अपनी पसंदीदा खेल खेलना छात्रों को असीम सुख का अनुभव करवाता है. दरअसल गेम्स खेलने से हर तरह का स्ट्रेस व टेंशन से तुरंत मुक्ति पाने में मदद मिलती है. आजकल तो खेलों में बेहतरीन करियर विकल्पों को देखते हुए माता-पिता भी अपने बच्चों को विभिन्न खेलों जैसे कि क्रिकेट, टेनिस, स्विमिंग, आदि में एनरोल करवाते हैं. इन सभी आउटडोर गेम्स की एक और खासियत यह भी है कि इससे आपको मानसिक व शारिरिक दोनों रूप में तंदरुस्त रहने में मदद मिलती है.
4. भविष्य के लिए उचित स्ट्रीम पर रिसर्च करें
कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों की बोर्ड परीक्षा देने के बाद विद्यार्थी को अपने अकादमिक करियर में नये पड़ाव में कदम रखना होता है जिसके लिए उसे सही स्ट्रीम या विषय का चयन करना होता है. इसी स्ट्रीम के आधार पर छात्र अका भावी करियर निर्भर करता है. इसलिए स्ट्रीम के चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले छात्र को गंभीर रिसर्च करनी चाहिए. उस स्ट्रीम में पढ़े जाने वाले विषयों, उनका कठिनाई स्तर, उस स्ट्रीम से जुड़े क्षेत्र और उनमे रोज़गार के अवसर, आदि सभी पहलुओं पर गंभीर रिसर्च करने के बाद ही किसी नतीजे पर आना चाहिए. इन सबके लिए बोर्ड एग्जाम्स ख़तम होने के बाद मिलने वाला ख़ाली समय काफी लाभकारी साबित हो सकता है. इस दौरान आप अपने सीनियर्स, टीचर्स व एक्सपर्ट काउंसलर्स से मिलकर उनकी राय ले सकते हैं ताकि अपने अकादमिक करियर के अगले पड़ाव में कदम रखने से पहले एक सीधा व स्पष्ट राह आपके सामने हो.
5. शोर्ट-टर्म जॉब ओरिएंटेड कोर्स में शामिल होकर अपनी लर्निंग को बढ़ाएं
आजकल कई इंस्टिट्यूट ऐसे कोर्स करवाते हैं जिनका अन्तराल केवल एक या दो महीने का ही होता है और जो भविष्य में कोई अच्छी जॉब पाने में आपके लिए काफी फ़ायदेमंद साबित हो सकते हैं. ऐसे कोर्सेज आपकी योग्यताओं में वृद्धि लाते हुए आज के कम्पटीटिव युग में आपको दूसरों के मुकाबले आगे खड़े होने में मदद करते हैं. कुछ बेहतरीन शोर्ट-टर्म कोर्सेज हैं: शोर्ट हैण्ड कोर्स, बेसिक कोर्स इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, वेब डिजाइनिंग, वेब प्रोग्रामिंग, कोर्स इन कंप्यूटर लैंग्वेज जैसे कि JavaScript, C, C++, आदि. ये सभी कोर्सेज ना सिर्फ़ आपके रिज्यूमे को आकर्षित बनाते हैं बल्कि आपके दिमाग को लर्निंग एक्टिविटी में व्यस्त रखते हुए इसकी काम करने की क्षमता में भी सुधर लाते हैं.

तो इस बार बोर्ड परीक्षा के बाद मिलने वाली डेढ़ से दो महीने की छुट्टियाँ कुछ इस तरह से बिताएं कि ना सिर्फ़ आप साल भर के स्टडी प्रेशर से मुक्ति पा सकें बल्कि अपने व्यक्तिगत गुणों को निखारने का भी मौका मिले.
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CBSE Board Exam -10th and 12th Class Maths Exam परीक्षा की तैयारी के आखिरी दौर में भूल से भी न करें ये गलतियां

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गणित विषय को सबसे कठिन विषयों में से एक माना जाता है. CBSE 2018 की डेट शीट के अनुसार इस बार 12वीं गणित की बोर्ड परीक्षा 21 मार्च को आयोजित होगी. इस विषय की तैयारी में विद्यार्थियों को अक्सर कठिनाई होती है. परीक्षा से कुछ दिन पहले तो उन्हें समझ ही नहीं आता की क्या पढ़े और क्या न पढ़े.
इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने इस आर्टिकल में इस परीक्षा की तैयारी के लिए कुछ ख़ास टिप्स दिए हैं जिनकी मदद से आप इस बार गणित की बोर्ड परीक्षा में बहुत अच्छे परिणाम हासिल कर सकते हैं.
यह टिप्स कुछ इस प्रकार हैं:
सबसे पहले CBSE द्वारा प्रकाशित सैंपल पेपर को ज़रूर हल करें:
CBSE हर साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुरू होने से कुछ महीने पहले सैंपल पेपर प्रकाशित करता है. इन पेपर्स की मदद से विद्यार्थियों को बोर्ड एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्न पत्र के पैटर्न के बारे में पता चल जाता है. इन पेपर्स की मदद से विद्यार्थी यह भी समझ जाते हैं कि किस चैप्टर्स से कितने नंबर के सवाल प्रश्न पत्र में पूछे जाएंगे.
CBSE बोर्ड हर एक सैंपल पेपर के साथ मार्किंग स्कीम भी जारी करता है. इस मार्किंग स्कीम की मदद से विद्यार्थियों को यह भी समझ आ जाता हैं कि उन्हें कितने नंबर के प्रश्न के लिए कितना बड़ा उत्तर लिखना है और उस उत्तर में क्या-क्या इंपोर्टेंट पॉइंट्स ज़रूर होने चाहिए जिससे वह ज्यादा से ज्यादा नंबर हासिल कर सकें.
पुराने वर्ष के प्रश्नपत्रों से अभ्यास करें
CBSE 12वीं के गणित विषय में कुछ कांसेप्ट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और इन पर हर साल बोर्ड परीक्षा में सवाल पूछे गयें हैं. पुराने 5 से 10 वर्ष के पेपर्स सॉल्व करने से आपको इन महत्वपूर्ण कान्सेप्टों के बारे में बहुत आसानी से पता चल जायेगा. पुराने पेपर्स हल करने यह भी समझ आ जायेगा कि परीक्षा में किस लेवल के प्रश्न आते हैं. बोर्ड परीक्षा में तो कुछ सवाल अक्सर रिपीट होते रहते हैं. कुछ ख़ास प्रश्न हर साल घुमा फिरा कर बोर्ड परीक्षा में पूछे जाते हैं, पुराने साल के पेपर सॉल्व करने से विद्यार्थियों को ऐसे प्रश्नों के बारे में भी पता चल जायेगा. कम समय में अच्छी तैयारी के लिए पुराने वर्ष के प्रश्नपत्रों के अभ्यास से सबसे ज़्यादा फायदा होता है.
गेस पेपर्स की मदद लेने में कोई बुराई नही
गेस पेपर्स पर पूरी तरह निर्भर रहना चाहिये लेकिन इन्हें पूरी तरह नज़रअंदाज़ भी नहीं करना चाहिए. अच्छी क्वालिटी के गेस पेपर्स में कुछ महत्वूर्ण सवाल होते हैं जिनके बोर्ड एग्ज़ाम में पूछे जानें की संभावना काफी अधिक रहती है. इन पेपर्स को हल करने से आपको समय प्रबंधन (Time Management) का अच्छा अनुभव हो जायेगा और इसके साथ-साथ आपको महत्वूर्ण सवालों के बारे में भी पता चल जायेगा.
NCERT Textbooks के साथ-साथ NCERT Exemplar भी हल करें
इसमें कोई दो राय नही की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए NCERT textbook सबसे महत्वपूर्ण होती हैं. मगर कई बार NCERT Textbooks के साथ-साथ NCERT Exemplar से भी गणित की बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पूछे गये हैं. इसलिए गणित विषय की तैयारी में NCERT Exemplar किताब की भी मदद ज़रूर ले.
परीक्षा से एक दिन पहले Revision के लिए शार्ट नोट्स तैयार रखें
साधारण विद्यार्थी परीक्षा से एक दिन पहले पूरी किताब नहीं पढ़ सकता. अगर विद्यार्थी ने हर चैप्टर में कुछ महत्वपूर्ण बातें हाईलाइट नहीं करी तो उन्हें समझ नहीं आएगा कि आखिरी दिन क्या पढ़ें और क्या नहीं.
इसलिए तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को हर चैप्टर के महत्वपूर्ण पॉइंट्स ज़रूर हाईलाइट करना चाहिए और परीक्षा से एक दिन पहले दोहराने हेतु नोट्स बनाने चाहिए.
Video Tutorials की मदद ले
अगर आप को लग रहा है कि कोई टॉपिक बहुत महत्वूर्ण है और आपको वो समझ नहीं आ रहा या उसे समझने में आपको बहुत ज़्यादा समय लग रहा है तो बेहतर होगा कि उसे आप Video Tutorials की मदद से समझने की कोशिश करें. Video Tutorials की मदद से आप महत्वपूर्ण Concepts को बहुत आसानी सेRevise कर सकते हैं.
सबसे ख़ास बात
यह थी कुछ ख़ास टिप्स जिनकी मदद से आप काम समय में गणित जैसे विषय की बहुत अच्छी तैयारी कर सकते हैं. बोर्ड परीक्षा में पेपर हल करने के दौरान आप वही सवाल पहले हल करें जो आपको अच्छे से आते हों.
अगर पेपर के दौरान किसी सवाल को हल करने में ज़्यादा समय लग रहा हो या बीच में कोई स्टेप समझ न आ रहा हो तो उस सवाल को छोड़ कर अगला सवाल करना शुरू कर दे.

याद रखिये CBSE बोर्ड में स्टेप मार्किंग होती है और हर उत्तर में सही स्टेप लिखने के मार्क्स मिलते हैं इसलिए किसी भी प्रश्न को छोड़ने की गलती कभी मत करना. हर प्रश्न में जो आता है और जितना आता है उतना ज़रूर लिख कर आइये आपके अच्छे मार्क्स ज़रूर आएंगे.
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